अम्बेडकरनगर का दरियापुर बना जिले का पहला कैशलेस गांव

अम्बेडकरनगर। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के डिजिटल इण्डिया का सपना अब साकार होता दिखाई पड़ रहा है अम्बेडकर नगर जिले का अग्रणी बैंक बैंक आफ बडौदा ने जिले के टांडा क्षेत्र में एक गाँव को पूर्णतयः डिजिटल बना दिया है | जिले के टांडा क्षेत्र में दरियापुर क़ुतुब गाँव में लगभग एक सौ बीस परिवारों की आबादी वाले गाँव में ग्राम वासियों को 15 दिन से लगातार प्रशिक्षण देकर उन्हें मोबाइल के माध्यम से खरीद फरोख्त करने की पूरी जानकारी उपलब्ध कराई है | साथ ही गाँव में 25 लोगों को स्मार्ट फोन भी उपलब्ध कराया है | जिले में इस गाँव को पहला डिजिटल गाँव होने का भी गौरव प्राप्त हुआ है |

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जिले के टांडा तहसील का सुदूर गाँव दरियापुर क़ुतुब में बैंक आफ बडौदा के अभियान में पूरा गाँव शामिल हुआ | यहाँ लोगों को स्मार्ट फोन के जरिये कैश लेस खरीद और बिक्री के लिए बैंक आफ बडौदा के कर्मचारियों और अधिकारीयों द्वारा प्रशिक्षित किया गया | गाँव में पहुंचे बैंक आफ बडौदा के गोरखपुर रीजन के सहायक महाप्रबंधक ब्रिजेश सिंह ने बताया कि उनके जोन में कुल 88 शाखाएं हैं जिनमे से अम्बेडकर नगर पहला जिला और दरियापुर क़ुतुब जिले का पहला ऐसा गाँव है जो शत प्रतिशत डिजिटल हुआ है | उन्होंने कहाकि जल्द ही और भी गांवों को डिजिटल बनाकर कैशलेस माध्यम से लोगों को जोड़ दिया जाएगा | उन्होंने कहाकि दरियापुर गाँव में सभी परिवारों का खाता खोल दिया गया है और गाँव की दूकान पर पोस मशीने लगा दी गई हैं, जिससे के गाँव के लोग बिना कैश के खरीददारी कर सकें |

जहाँ एक तरफ गाँव को डिजिटल और कैश लेश बनाने का अभियान में बैंक ने इस गाँव को चुना है । गाँव के लोग भी इस अभियान में लगे है ,तो वहीं गाँव का मजदूर तबका अभी भी असमंजस पड़ा है । गाँव के ज्यादातर लोग मजदूर है उनका मानना है की इस तरह डिजिटल करने से हम मजदूरो को काफी परेसानी होगी । उन्होंने बताया की हमारा काम रोज की मजदूरी से चलता है और अगर हमें पैसा बैंक से दिया जायेगा तो हमारा काम कैसे चलेगा कब हम बैंक जायेंगे कब काम करेंगे ।

वही गाँव के प्रधान ने भी बताया की हमारे गाँव को डिजिटल गाँव बनाने के लिए चुना तो जरूर गया है । पर ये ग्रामीण लोगो का काम नेट बैंकिंग से काम नहीं चल पायेगा । उन्होंने बताया की गाँव के मजदूरों को नगद पैसा चाहिए ई पेमेंट से उकना काम नहीं चलेगा । वहीं गाँव के कुछ लोगो ने बताया की ई पेमेंट का एक अच्छा अभियान है , जो लोग नहीं जानते सीखने का प्रयास करेंगे । गाँव का 50% आबादी जबकि अनपढ़ है और मोबाईल चलना नहीं जनता ऐसे में गाँव को डिजिटल कैशलेश बनाना कितना और कब सार्थक होगा इसका  इंतजार करना पड़ेगा ।

कार्तिकेय द्विवेदी, संवाददाता