हॉस्टल में लड़कियों के साथ हो रहा भेदभाव, कोर्ट पहुंचा मामला

वाराणसी। यूपी के वाराणसी के बनारस हिंदू विश्वविद्यालय के अंदर महाविद्धालय हॉस्टल पर आने वाली लड़कियों के साथ भेदभाव भरे नियमों का आरोप लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल की गई है। जिस पर सुप्रीम कोर्ट ने सुनवाई के लिए सहमति दे दी है। कोर्ट बहुत जल्द हॉस्टल पर सुनवाई करेगा। हालांकि अभी तक इस मामले की सुनवाई को लेकर कोई तारीख तय नहीं की गई है।

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हॉस्टल में रहने वाली छात्राओं का कहना है कि हस्टल में हमारे साथ भेदभाव किया जाता है। छात्राओं को रात 8 बजे के बाद हॉस्टस ले बाहर जाने की इजाजत नहीं है। रात के वक्त छात्राएं लाइब्रेरी नहीं जा सकती। लेकिन छात्रों को जाने की इजाजत है। छात्राएं अपने कमरे में वाई-फाई लगाने की इजाजत नहीं है। वहीं छात्रों को अपने कमरे के बाहर सभ्य कपड़े पहनने होंगे जबकि छात्रों के लिए कोई ड्रेस कोर्ट नहीं बनाया गया है।

बता दें कि याचिका में कहा गया है कि लड़कियों को रात 8 बजे बाहर जाने और 10 बजे के बाद फोन पर बात करने जैसी पाबंदियां लगाई गई हैं और जो भी इसका उल्लंघन करता है तो उसे हॉस्टल छोड़ने के लिए कह दिया जाता है। इस पर वकील प्रशांत भीषण ने कुछ छात्राओं की ओर से सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। प्रशांत भूषण ने याचिका दायर करते हुए कोर्ट से मामले में जल्द सुनवाई करने को कहा है। जिस पर जस्टिस का कहना है कि सिस्टम के सहत तारीख पर सुनवाई की जाएगी।