नए रिश्तों के लिए लालू की रैली का मंच साझा करेंगे अखिलेश और मायावती

लखनऊ। उत्तर प्रदेश में करारी हार के बाद सपा और बासपा आने वाले अगस्त में पटना में होने वाली राष्ट्रीय जनता दल के प्रमुख लालू प्रसाद यादव की रैली में मंच साझा कर संभावनाओं की नई इबारत लिखते नज़र आएंगे। राजद के जो उत्तर प्रदेश इकाई के अध्यक्ष है उनका कहना है कि अखिलेश यादव और मायावती ने लालू की रैली में शिरकत को लेकर रजामंदी दे दी है। हाल ही में लालू ने इन दोनों नेताओं को रैला में शामिल होने के लिए नियोता भी दिया था।

वहीं इस रैली में मुलायम सिंह यादव को भी लाने की कोशिश की जा रही है। साल 1993 में प्रदेश में एक साथ मिल कर सरकार बनाने वाली सपा और बासपा में गेस्ट हाउस काण्ड को लेकर इतनी दूरियां बढ़ गई कि इन दोनों को नदी के दो किनारो की तरह देखा जाने लगा। ऐसा माना जाता था कि अब कभी ये दोनों दल एक दूसरे के साथ नहीं आएंगे। लेकिन सियासी तकाजा कुछ ऐसा होता है कि एक दूसरे को साथ ले ही आता है।

इन दोनों दलों के साथ आने की असली वजह साल 2014 और साल 2017 में होने वाले विधानसभा चुनाव है। जिसमें बीजेपी के हाथों दोनों दलो को करारी हार का सामना करना पड़ा था। लालू ने अपनी रैली में ममता बनर्जी, जनता दल के नेता बीजू और शरद पवार को आमंत्रित किया है। द्रमुक नेता एम. के. स्टालिन पहले ही रैली में आने के लिए तैयार हो गए हैं।

बता दें कि पिछले विधान सभा चुनाव में सपा के वोट प्रतिशत 21. 8 थे, वहीं बसपा के 22. 2 प्रतिशत रहे। बसपा ने जहां सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ा था, वहीं सपा ने अपने सहयोगी दल कांग्रेस के लिये 105 सीटें छोड़ी थीं। विधानसभा चुनाव में बीजेपी और उसके सहयोगी दलों के कुल 403 में से 325 सीटें जीत लेने से विपक्ष बेहद कमजोर हो गया है। ऐसे में सपा और बसपा के गठबंधन के स्वर तेज हो गए हैं।