अजमेर का पुलिस तंत्र हुआ विफल: कांग्रेस

अजमेर। शहर कांग्रेस ने कहा कि अजमेर का पुलिस तंत्र विफल हो चुका है, जनता अपनी हिफाजत खुद करे। शहर में दिनदहाड़े लूट की इतनी बड़ी वारदात के बाद नाकेबंदी पर पुलिस कर्मियों का नहीं होना इस बात की पुख्ता दलील है कि अजमेर का पुलिस तंत्र पूरी तरह विफल हो चुका है। पुलिस चैराहों पर सिर्फ आमजन के चालान काटने में व्यस्त है, जबकि अपराधी बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं।

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Congress Vijay Jain

बता दें कि शहर कांग्रेस अध्यक्ष विजय जैन ने बीते बुधवार को बजरंग गढ चैराहे हुई लूट की वारदात पर कहा कि शहर मे दिन दहाड़े आपराधिक घटनाएं हो रही हैं। सुनसान ही नहीं भीड़ भाड़ वाले इलाकों में लुटेरे वारदात कर आराम से बचकर निकल जाते हैं। ऐसे में आम आदमी के मन में भय व्याप्त होना लाजमी है। पुलिस क्राइम कंट्रोल करने में पूरी तरह नाकाम है। कप्तान को चाहिए कि ऐसे पुलिस अधिकारियों को थानों का चार्ज दें जो तेज तर्रार हों और बदमाशों को सबक सिखा सके। उन्होेंने कहा कि कुछ दिनों के आंकड़ों पर नजर डाली जाए तो अजमेर में क्राइम का ग्राफ तेजी से बढ़ा है। रोज क्राइम की बड़ी घटना हो रही हैं। हर थाना क्षेत्र लूट की इन बड़ी घटनाओं को रोकने में नाकाम है। जबकि कांग्रेस लगातार पुलिस के आला अधिकारियों को कानून व्यवस्था के बिगड़े हालातों से अवगत कराती रही है।

उन्होंने कहा कि बढती वारदातों का कारण पुलिस के खुफिया तंत्र का कमजोर होना है। पुलिस के पास मुखबिरों की कमी है। जिसके कारण शहर में बदमाश लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस के पास उनका कोई सुराग नहीं है। शहर में बढते अपराध और ताबड़तोड़ वारदात को लेकर लोग खौफ जदा हैं। लोगों का पुलिस से भरोसा पूरी तरह उठ चुका है। बदमाशों में पुलिस का खौफ बिल्कुल भी नहीं है। अब तो लोगो को दिन में भी घर से निकलने में डर लगने लगा है। लगातार हो रही वारदातों के कारण हर वर्ग चिंतित है। सरकार अभी तक क्राइम को रोकने में विफल रही है।

शहर कांग्रेस की और से जारी अधिकृत ब्यान में प्रवक्ता मुजफ्फर भारती ने कहा कि जिला पुलिस पर अजमेर की जनता का भरोसा पूरी तरह टूट गया है शहर की बदहाल कानून व्यवस्था इसका जीता जागता प्रमाण है। हालात यह है कि आम तौर पर शहर में रोजाना चोरी की औसतन तीन वारदात हो रही थी। लेकिन पुलिस के नाकारा रवैये तथा अपराधियों के दिल से पुलिस का डर निकल जाने से चोरों ने वारदात का ग्राफ अचानक बढाकर पुलिस की चौकसी व्यवस्था को धराशायी कर दिया।