मारन बंधुओं को आरोपमुक्त करने के खिलाफ दायर अर्जी विशेष लोक अभियोजक ने ली वापस

नई दिल्ली। एयरसेल-मैक्सिस मामले में मारन बंधुओं को आरोपमुक्त करने के खिलाफ दायर अर्जी विशेष लोक अभियोजक आनंद ग्रोवर ने वापस ले ली है। उनके इस सवाल का जवाब देने से सुप्रीम कोर्ट ने इनकार कर दिया है कि ईडी इस फैसले को कहां चुनौती दें । इसके पहले सुनवाई के दौरान सुप्रीम कोर्ट ने पूछा था कि आप बताइए कि कैसे हाईकोर्ट को बाईपास कर निचली अदालत के फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी गई है ।

कोर्ट ने आनंद ग्रोवर को इस सवाल का जवाब देने के लिए आज तक का समय दिया था ।ईडी का तर्क था कि सीबीआई कोर्ट ने प्रक्रिया का ठीक से पालन नहीं किया इसलिए बॉन्ड लेकर मारन बंधुओं को छोड़ने के फैसले पर रोक लगनी चाहिए। ईडी के वकील ने सुप्रीम कोर्ट में कहा कि ट्रायल कोर्ट ने प्रक्रिया का पालन नहीं किया है। इसमें ये तर्क दिया गया कि मारन बंधुओं को रिहाई के लिए बेल बॉन्ड भरने को भी नहीं कहा गया। इसके अलावा मारन बंधुओं की जब्त की गई संपत्ति को भी वापस देने का आदेश दिया गया जो कि कानून सम्मत नहीं है। ईडी ने मांग की है कि स्पेशल 2जी कोर्ट को निर्देश दिए जाएं कि मारन बंधुओं की रिहाई के बाद बेल बॉन्ड लेने से रोका जाए जिसे सुप्रीम कोर्ट ने नहीं माना।

आपको बता दें कि स्पेशल सीबीआई कोर्ट ने दो फरवरी को दयानिधि मारन, उनके भाई कलानिधि मारन, कलानिधि मारन की पत्नी कावेरी कलानिधि, साऊथ एशिया एफएम लिमिटेड के प्रबंध निदेशक के षणमुगम और दो कंपनियों को आरोपमुक्त किया। मारन पर आरोप है कि उन्होंने एयरसेल लिमिटेड को जरूरी मंजूरी देने में जानबूझकर देरी की और इसके पूर्व मालिक सी शिवाशंकरन को जबरन अपनी कंपनी मलेशिया की मैक्सिस कंपनी कम्युनिकेशन को बेचने का दबाव डाला।