इंसानियत पर फिर खड़े हुए सवाल, अस्पताल में फर्श पर मरीज को दिया गया खाना

रांची। देश को शर्मसार करने वाली एक और घटना सामने आई है जिसे जानकर शायद आपका इंसानियत से विश्वास ही खत्म हो जाएगा। वैसे तो अस्पताल में मरीज अपना इलाज करवाने आता है और ये उम्मीद करता है कि वो जल्द से जल्द ठीक होकर अपनी सामान्य जिन्दगी फिर से जीना शुरु कर दें। लेकिन अगर अस्पताल में भर्ती होने वाले मरीज ही गंदगी में खाना खाए तो उनकी तबियत ठीक होने के बजाए और बिगड़ सकती है।

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ऐसी ही एक दिल दहला देने वाली घटना रांची के मशहूर अस्पताल रिम्स से आई है जहां पर एक महिला को जमीन पर खाना खाते देख आपका दिल जरुर पसीज जाएगा और आप सोचने पर विवश हो जाएंगे कि आखिर अस्पताल में मरीजों के लिए ये कैसी व्यवस्था है।

दरअसल रांची के मशहूर अस्पताल रिम्स की बिल्डिंग तो बहुत बड़ी है लेकिन वायरल होती ये तस्वीर इस बात की ओर इशारा कर रही है कि शायद अस्पताल में मरीजों को खाना परोसने के लिए पर्याप्त मात्रा में बर्तन उपलब्ध नहीं है जिसकी वजह से इस महिला मरीज को अस्पताल प्रशासन के कर्मचारियों ने खाना फर्श पर ही परोस दिया।

ये वाक्या उस वक्त का है जब भारतीय जनता पार्टी के महानगर के अध्यक्ष मनोज मिश्रा अस्पताल का दौरा करने रिम्स अस्पताल पहुचे और मरीज को ऐसे खाना परोसने की घटना ने उनको चौंका दिया। ये महिला मरीज रिम्स के आर्थो वार्ड विभाग में भर्ती है लेकिन उसके पास न तो खाना लेने के लिए और न ही खाना खाने के लिए कोई बर्तन है। जब भूख से तड़पती इस महिला ने अस्पताल के कर्मचारियों से खाना मांगा तो उन्होंने इस महिला को पहले तो फटकार लगाई और उसके बाद उससे फर्श साफ करवाकर जमीन पर उसे सब्जी-चावल परसा और चलते बने।

इस पूरे मामले पर बात करते हुए भारतीय जनता पार्टी के महानगर के अध्यक्ष मनोज मिश्रा ने कहा कि वो पार्टी के एक कार्यकर्ता को देखने के लिए अस्पताल आए थे। इसी दौरान वो एक महिला को जमीन पर खाना खाते देख आश्चर्य में पड़ गए इसके बाद उन्हें कई लोगों के बारे में जानकारी मिली कि उनके पास थाली नहीं है। जिसके बाद तत्काल थाली मंगवाकर लोगों को बंटवाया और अस्पताल से इस मामले को लेकर कार्यवाई की मांग की। इसके साथ ही नेता ने कहा कि अगर अस्पताल प्रशासन इस पर कड़ी कार्यवाई नहीं करेगा तो वह इस मामले को मुख्यमंत्री के पास लेकर जाएंगे।

बता दें कि इस अस्पताल का सालाना बजट 300 करोड़ रुपए है लेकिन इस अस्पताल के अंदर मरीजों के साथ इस तरह की घटना अस्पताल प्रशासन की तरफ कई सवाल खड़े जरुर करती है जिसका समाधान जल्द निकालना अत्यंत जरुरी है।