चुनाव तिथि की घोषणा के बाद बजट सत्र के तारीख में बदलाव की उठी मांग

लखनऊ। जनवरी के अंत में सरकार की तरफ से बजट को पेश करने को लेकर समस्या आती दिख रही है। गौरतलब है कि बुधवार को चुनाव की घोषणा के बाद से पांचो राज्यों में आचार संहिता लागू हो गई है, ऐसे में कई राजनीतिक पार्टियों ने इस बात की मांग करनी शुरु कर दी है कि सरकार को बजट पेश करने के तारीख में बदलाव करना चाहिए।

बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने केन्द्रीय निर्वाचन आयोग द्वारा उत्तर प्रदेश समेत पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव का कार्यक्रम घोषित किये जाने का स्वागत करते हुए अनुरोध किया है कि वह केन्द्र की भाजपा नीत सरकार को चुनाव के बीच एक फरवरी को आम बजट पेश करने से रोके।

मायावती ने यहां एक बयान में आयोग से अनुरोध किया कि वह चार फरवरी से आठ मार्च के बीच पांच राज्यों में होने वाले विधानसभा चुनावों को निष्पक्ष ढंग से कराने के लिये केन्द्र सरकार से कहे कि वह पूर्व निर्धारित तिथि यानी एक फरवरी को आम बजट पेश ना करे, क्योंकि चुनाव के दौरान आम बजट पेश करके मतदाताओं को प्रभावित किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि आयोग केन्द्र सरकार से कहे कि वह वर्ष 2012 की ही तरह सभी पांच राज्यों में मतदान की अंतिम तिथि यानी आठ मार्च के बाद किसी भी दिन बजट पेश करे।