नोटबंदी की मार से क्या इस बार का आम बजट दिलाएगा राहत…?

नई दिल्ली। बजट पेश होने में कुछ ही दिन बचे हैं आम आदमी को इस बार के बजट से खासी उम्मीदें हैं। नोटबंदी की मार के बाद नागरिकों में आखिरकार एक आस जागी है कि इस बजट में उन्हें कुछ आराम मिलेगा। मोदी सरकार के द्वारा लिए गए 500-1000 के पुराने नोट बैन कर देने के फैसले के बाद से देश भर में हाहाकार मचा हुआ था। सभी राजनीतिक पार्टियों ने भी इस मुद्दे पर मोदी सरकार के ऊपर जमकर निशाना साधा।

 

इसके अलावा ऐसा कोई क्षेत्र नहीं बचा जिसने नोटबंदी की मार न सही हो, चाहे वो बिजनेस हो या आटोमोबाइल हर क्षेत्र पर इसके विपरीत प्रभाव पड़े, ऐसे में इस बार के बजट का सीधा प्रभाव इन सभी सेक्टर्स पर देखने को मिल सकता है। नोट बैन हो जाने के बाद देश की जीडीपी में कमी आई है। जहां बड़े उद्योगों बजट का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं वहीं छोटे लधु-कुटीर उद्योगों को इस आने वाले बजट से काफी उम्मीदें हैं।

नोटबंदी से आई आफत में क्या बजट से राहत मिलेगी, क्या बढ़ेगी इनकम? इन सारे सवालों के जवाब आम बजट के सामने आने के बाद ही मिलेंगे। इसके पहले नोटबंदी को लेकर संवाददाताओं को संबोधित करते हुए वित्त मंत्री ने कहा था कि अप्रैल से दिसंबर के बीच प्रत्यक्ष कर में 12.01 प्रतिशत और अप्रत्यक्ष कर में 25 प्रतिशत का इजाफा हुआ। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि दिसंबर में सेंट्रल एक्साइज में 31.6 फीसदी की बढ़ोत्तरी हुई वहीं साथ ही सेवा कर में 23 फीसदी से ज्यादा की बढ़ोत्तरी दर्ज की गई थी। उन्होंने कहा कि अभी तो यह एक कच्चा अनुमान है, बजट में सारे वास्तविक आंकड़े सामने रखे जाएंगे। इस मायने से भी इस बार का बजट देखने वाला होगा।

इसके अलावा नोटबंदी के बाद एक सवाल और उठता है कि क्या महानगरों में प्रॉपर्टी के दामों में और गिरावट आएगी। क्या आम आदमी के लिए महानगरों में अपना घर ले पान संभव हो पाएगा या इस पर बजट का वार पड़ने वाला है?