प्रशासन ने सख्ती से खत्म कराया किसानों का आंदोलन

अम्बेडकरनगर । जिले की दो तहसीलो से होकर गुजरने वाली लुम्बनी वाराणसी राष्ट्रीय राज मार्ग 233 के निर्माण के विरोध में उचित मुआबजा न मिलने के कारण लगभग एक माह से किसानों का धरना प्रदर्शन रात दिन लगातार चल रहा था। क्योंकि किसानों के साथ प्रशासन द्वारा दोहरा मापदंड अपनाया जा रहा है। आजमगढ़ में मुआबजे की रकम कई गुना है और अम्बेडकरनगर में किसानों को बहुत ही कम मुआबजा दिया जा रहा है। जबकि दोनों जनपदों की सीमा एक है।

अम्बेडकरनगर के उपेक्षित किसान आक्रोशित होकर धरने पर बैठ गए और निर्माण कार्य को रुकवा दिया। जिसे आज जिला प्रशासन ने कई थानों की फ़ोर्स के साथ पहुचकर धरना को समाप्त करा दिया और धरन स्थल से किसानों का सारा सामान थाने पर पुलिस उठा लायी और महिलाओ सहित कई लोगो को जेल भेज दिया। आदर्श आचार संहिता लागू होते ही प्रशासन हरकत में आया और आलापुर तहसील क्षेत्र के शुकुल बाजार के बुकिया अहिरु पुर में चल रहे किसानों के धरने के अस्तित्व को प्रशासन ने डंडे के बल पर समापत करा दिया।

धरना स्थल से किसानों का सारा सामान पुलिस उठा ले गयी और थाने में ले जाकर रख दिया। विरोध में आक्रोशित किसान हजारो की संख्या में बुकिया तालाब के किनारे एक बाग़ में इकट्ठा होकर प्रदर्शन करने लगे। जनपद के कई थानों की फ़ोर्स के साथ पहुचे एसडीएम आलापुर एसडीएम टांडा पूरे दल-बल के साथ पहुचे और किसानों को शांत कराया। लेकिन किसान अपनी मांगो पर अड़े रहे और काफी प्रयास के बाद आश्वासन देने पर 20 जनवरी तक का समय प्रशासन को दिया जिसके बाद किसान वहां से चले गए।

किसानों का आरोप है कि हम शांति पूर्वक अपना धरना प्रदर्शन कर रहे थे क्योकि हमारी जमीनों को बिना मुआबजा दिये जबरदस्ती कब्जा किया जा रहा है। उचित मुआबजे की कौन कहे एक भी मुआबजा नही दिया गया है। लेकिन प्रशासन दमनात्मक कार्यवाही करते हुई किसानों को मार पीट कर भगा दिया। यदि समय से पहले उचित मुआबजा नही मिला तो हम मजबूर होकर उग्र प्रदर्शन को बाध्य होंगे।

कार्तिकेय द्विवेदी, संवाददाता