एसीबी ने दवाओं की दुकानों पर की छापेमारी

जोधपुर। भ्रष्टचार निरोधक ब्यूरो की ओर से 17 अप्रैल को सहकार भंडार के जनरल मैनेजर और फार्मासिस्ट को रिश्वत लेते पकड़े जाने के बाद जांच को आगे बढ़ाते हुए 18 अप्रैल को शहर के तीनों बड़े सरकारी अस्पताल और पावटा सैटेलाइट अस्पताल पर रेड मार कर कई घपलों के बारे में पता लगाया गया है।  इसमें दवाइयों के बिलों से लेकर उनके ब्रांड तक शामिल है। एसीबी की टीम सख्ती से इस बारे में पता लगाने के साथ अनुसंधान में जुटी है। 17 को पकड़े गए दोनों अभियुक्तों को 18 को न्यायालय में पेश किया गया था।

एसीबी अधीक्षक अजयपाल लांबा ने बताया कि 17 अप्रैल को साढ़े पांच लाख की रिश्वत लेने के आरोप में पकड़े गए सहकार भंडार के जनरल मैनेजर मधुसुदन शर्मा और फार्मासिस्ट कम स्टोर कीपर अशोक परिहार से पूछताछ में कई खुलासे हुए हैं । इस पर 18 अप्रैल के दिन एसीबी टीम की तरफ से सहकारी भंडार की कई दुकानों महात्मा गांधी, उम्मेद, मथुरादास माथुर अस्पताल के अलावा पावटा सैटेलाइट अस्पताल पर रेड देकर कई अनियमितताओं का पता लगाया गया है।

उन्होंने बताया कि इसमें जोधपुर संभाग के पाली, जैसलमेर, बाड़मेर की दुकानें भी शामिल हो सकती हैं। फर्जी तरीके से बिलों को बनाने से लेकर मैन्यूफेक्चरिंग तक की गई है। इसमें ब्रांडेड जैनेरिक दवाईयां भी शामिल है। बता दें की एसीबी की टीम ने सहकार भंडार के जीएम मधुसुदन शर्मा और स्टोर कीपर फार्मासिस्ट अशोक परिहार को गिरफ्तार किया था। अशोक परिहार के यहां से 25 लाख रुपये भी जब्त किए गए थे।