बिहार के अररिया जिले में 103 साल के वृद्ध का बनाया गया आधार कार्ड

पटना। आधार कार्ड ही जीवन का आधार है,भारत के हर नागरिक की अब पहचान बन गया है उसका आधार नंबर। केंद्र की कोशिश है की देश के हर व्यक्ति के आधार के पास उसका आधार कार्ड जरुर पहुंच जाए। अब आधार नंबर ही देश के नागरिक होने की पहचान बन गया है। भारत में हर व्यक्ति के पास आधार कार्ड होना बहुत जरुरी हो गया है।

बिहार के अररिया जिले में 103 साल के एक वृध्द नंदलाल साह को सरकार के प्रयास में लगी संस्था और इसमें काम कर रहे लोगों की मदद से उनके घर तक आधार कार्ड बनाने वाली टीम पहुंची,और उनका आधार कार्ड बनाया। केंद्रीय सूचना और प्रोद्योगिकी मंत्री रविशंकर प्रसाद ने इस संस्था की तारिफ करते हुए कहा की आइटी प्रोफेशनल्स की तारीफ करते हुए कहा की अब आधरा नंबर ही शारीरिक रुप से लाचार लोगों तक भी पहुंचा दिया गया है। रविशंकर प्रसाद ने ट्ववीट भी किया है।

दरअसल अररिया जिले के परवाहा गांव के 103वर्ष के नंदलाल साह का आधार कार्ड नहीं बन पाया था क्योंकि वो वृद्ध होने की वजह से खुद चलकर यूडीआइ सेंटर नहीं जा सकते थे, लेकिन यूडीआइ की टीम ने उनके घर पर जाकर उनका आधार कार्ड बना दिया। इससे नंदलाल साह के घर के लोग खुश हैं साथ ही नंदलाल साह के चेहरे पर भी मुस्कान दिखती है कि अब उनकी भी पहचान है।
अररिया(बिहार) के परवाहा गाँव के 103वर्ष के नंदलाल साह को @CSCegov_ @UIDAI टीम ने उनके घर पर आधार पंजीकरण कराया।