देखिए कैसे मास्टर जी के तबादले पर रो पड़े बच्चे!

श्रावस्ती। हमारे देश में शिक्षकों का दर्जा भगवान के समान दिया गया है। शिक्षक वो होता है जो आपके जीवन के अंधेरे को दूर कर आप में ज्ञान का प्रकाश जलाता है। शिक्षक वो होता है जो आपको सही और गलत की पहचान कराता है। शिक्षक वो होता है जो आपके अंदर की अज्ञानता को दूर करके आपको उजाले की तरफ अग्रसर करता है। तो आज हम आपको एक ऐसे ही शिक्षक से रुबरु करवा रहें हैं जिसके बारे में जानकर सभी शिक्षको को गर्व होगा।

श्रावस्ती के हरवंशपुर के एक स्कूल में पढ़ा रहे अध्यापक हरीश कुमार ने शिक्षा के प्रति अपने समर्पण से बच्चों व अभिभावकों के दिल में इतनी जगह बना ली कि उनके तबादले की खबर सुनकर न केवल स्कूल के बच्चे बल्कि पूरा गांव फूट -फूट कर रोने लगा। यहां तक की स्कूल के सभी बच्चें अपने अध्यापक से कहने लगे, गुरुजी आप मत जाइए, आप चले जाएंगे, तो इतना अच्छा कौन पढ़ाएगा। हम आपकी हर बात मानेंगे। रोज स्कूल आएंगे, लेकिन आप हमें छोड़ कर मत जाइए।

teacher transfer

ये हाल केवल स्कूल के बच्चों का ही नहीं है बल्कि पूरे गांव में मास्टर जी के तबादले की खबर ऐसी फैली की सभी हरीश कुमार को रोकने की पुर जोर कोशिश करने लगे। इस खबर को सुनकर बच्चों को इतना दुख हुआ कि वो अपने गुरु जी से लिपट कर रोने लगे और उन्हें ऐसा देख अध्यापक हरीश कुमार भी रो पड़े।

बता दें जनपद श्रावस्ती के गिलौला विकास खंड के उच्च प्राथमिक विद्यालय हरवंशपुर में तैनात शिक्षक हरीश कुमार का स्कूल में आखिरी दिन था। उनका तबादला गृह जनपद बस्ती हो गया था। आठ साल तक घर से दूर रहने के बाद वे अपने जिले में जा रहे थे, इसलिए काफी खुश भी थे लेकिन जैसे ही स्कूल में विदाई समारोह शुरू हुआ, लगभग पूरा स्कूल रो पड़ा। सोशल मीडिया पर वायरल हुई इस खबर की पुष्टि के लिए जब अध्यापक हरीश कुमार से फोन पर बात की गई, तो वे श्रावस्ती जनपद के उच्च प्राथमिक विद्यालय हरवंशपुर नाम सुनते ही फफक पड़े।

उन्होंने बताया कि मेरा तबादला जरूर मेरे गृह जनपद में हुआ है, लेकिन मुझे यहां बिलकुल अच्छा नहीं लग रहा है। अपने आप को संभालते हुए उन्होंने बताया कि पहले मैं प्राथमिक स्कूल में था फिर इसी कैंपस में बने जूनियर हाईस्कूल में पहुंच गया।

उन्होंने बताया कि जब मैं पढ़ाता था और बच्चे शैतानी करते थे, तो मैं उन्हे छोड़कर चले जाने की बात किया करता था। बच्चों को लग रहा था कि मैं गुस्सा होकर जा रहा हूं इसलिए किसी बच्चे ने रोते हुए खूब मन लगाकर पढ़ाई करने की कसम खाई, तो किसी ने कहा कि जीवन में कभी शैतानी नहीं करूंगा, बस आप स्कूल से मत जाइए। शिक्षक ने कहा कि बच्चों का प्यार देखकर मैं भी अपने आंसू नही रोक पाया।