एक ऐसी जगह जहां भटकती हैं रेप पीड़िताओं की आत्माएं

नई दिल्ली। दुनिया में अजीबो-गरीब किस्से सुननें को मिलते हैं इन किस्सों में कुछ अफवाहें होती हैं तो कुछ सच्चाई एक ऐसी हैं जगह हैं जहां दिल को दहला देने वाली घटना हुई थी और ऐसा माना जाता हैं कि आज भी वहां रेप पीड़ित लड़कियों की आत्माएं भटकती हैं।


ऐतिहासिक इमारत कू टेरेस में हाइस्कूल में पढ़ने वाली 10 छात्राएं 30 नवम्बर 2008 की रात को इस हवेली में रुकी थी बेहद डरी हुई थी।
लड़िकियों को वहां से अस्पताल में भर्ती कराया गया था क्योकिं उनकी मानसिक स्थिति ठीक नही थी इस खबर के बाद मानों हड़कंप सा मच गया हो। जब एक-एक कर लड़कियां होश में आई तो उनसे सवाल किए गए और सबके जवाब चौकाने वाले थे एक लड़की ने बताया कि जब हम रात में कू टेरेट के एक कमरे में रुके तो चीखें सुनाई दीं ऐसा लग रहा था कि कोई बच्ची सिसकियां लेकर रो रही हैं।

दूसरी लड़की ने बताया कि कमरे से रोने की आवाज सुनाई दे रही थी तीसरी के मुताबिक मुझे ऐसा लगा कि अंदर कोई बच्ची दर्द से कराह रही हैं बाकी लड़कियों के जवाब भी कुछ ऐसे ही थे।

इन लड़कियों के जवाब के बाद जब पता किया गया तो ये बात सामने आई कि यह वहीं इमारत हैं जहां जापानी सैनिकों के लिए लड़कियां परोसी जाती थी सैनिकों के लिए चीन, कोरिया, वर्मा, थाइलैंड, मलेशिया, ताइवान, वियतनाम आदि देशों से महिलाओं लड़कियों व छोटी-छोटी बच्चियों को अगवा कर के लाया जाता था। सैनिक उन लड़कियों के साथ जबरदस्ती शारीरिक संबंध बनाते थे।

बताया जाता हैं कि इसी इमारत में कई लड़कियां चीखती-चिल्लाती दर्द से कराहती मौत के आगोश में सो गई जिस वजह से ये बंगला भूतिया बंगला के नाम से फेमस हैं।

कू टेरेस का इतिहास

यह लाल रंग की इमारत हैं जिसे 1915-1921 में शंघाई के एक व्यापारी चुन मान ने बनवाया था। इस इमारत में छोटी छोटी महिलाओं और लड़कियों को पकड़ कर लाते थे और इस इमारत के कमरों में बंद कर दिया जाता था। जब किसी भी सैनिक के मन में यौन की इच्छा होती तो वो किसी लड़की को चुन उसके साथ जबरदस्ती यौन संबंध बना लेता।