7 वां वेतन आयोग पर केन्द्रीय कर्मचारियों का नही हुआ फैसला

नई दिल्ली। 7 वें वेतन आयोग को लेकर इस हफ्ते कैबिनेट बैठक होने वाली थी जिससे कर्मचारियों को बहुत बड़ी खुशीखबरी मिलने वाली थी लेकिन केन्द्रीय मंत्रीमंडल ने गुरुवार को होने वाली इस बेठक में इस मुद्दे पर कोई बात नही की इस बैठक का एजेंडा भी सातवां वेतन आयोग भी नही था जिसकी उम्मीद 50 लाख कर्मचारियों ने लगा कर बैठी थी लेकिन उनके हाथ अभी भी निराशा ही लगी हैं।

अब अगले कैबिनेट बैठक में केन्द्रीय के भत्ते की मिटिंग का एजेंडा होने की संभावना हैं नया भत्ता मजूंरी से पहले ही रुका हुआ हैं। इस मुद्दे को जल्दी खत्म करने के लिए प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने भी निर्देश दिए हैं। पे पैनल के सुझावों पर पेंशन और उससे जुड़े मुद्दों को पिछले साल जून में ही लागू कर दिया गया था।
गौरतलब हैं कि इस हफ्ते कैबिनेट में होने वाली बैठक से 50 लाख कर्मचारियों को बड़ी खुशखबरी मिलने वाली थी। इसी नोट HRA से जुड़ा मुद्दा भी शामिल होगा केन्द्रीय कर्मचारियों के अलावा इस मुद्दे पर सरकार के फैसलें का इंतजार हैं। यह इंतजार अब एक साल का होने वाला हैं पिछले साल 28 जून को ही सरकार ने सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को लागू करने का फैसला लिया था।

सरकार ने वेतन आयोग की सिफारिशों 1 जनवरी 2016 से लागू करने का फैसला किया था लेकिन वेतन की कई सिफारिशों के बाद केन्द्रीय कर्मचारियों ने कई मुद्दे पर आपत्ति जताई थी।
सरकार ने इसके लिए एक समिति का गठन भी किया हैं तथा समिति ने अपनी रिपोर्ट 27 अप्रैल को वित्तमंत्री को सौंप दी थी। ऐसा माना जा रहा हैं कि हर बुधवार को होने वाले इस कैबिनेट की बैठक में इसका फैसला हो सकता हैं।

आपकों बता दें कि सातवां वोतन आयोग से पहले केन्द्रीय कर्मचारी 196 किस्म के अलाउंसेस के हकदार थे लेकिन सातवें वेतन आयोग ने कई अलाउंसेस को समाप्त कर दिया या फिर उन्हें मिला दिया जिसके बाद वे केवल उलाउंस बाकी रह गए तमाम कर्मचारियों को कई अलाउंस समाप्त होने का मलाल हैं।

नरेन्द्र मोदी ने 2016 में सातवें वेतन आयोग की सिफारिशों को मंजूरी दी थी और 1 जनवरी 2016 से 7वें वेतन आयोग की रिपोर्ट को लागू किया गया था लेकिन भत्तों के साथ कई मुद्दों पर असहमति होने के कारण ये लागू नहीं हो पाया था।