धार्मिक ग्रंथों के अपमान मामले में पंजाब के 60 अफसरों से 3 जून से होगी पूछताछ

चंडीगढ़। पंजाब में पूर्व बादल सरकार के कार्यकाल में हुई धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की घटनाओं की जांच को लेकर गठित किए गए आयोग ने तत्कालीन आईजी परमराज सिंह उमरानंगल सहित 60 से ज्यादा अफसरों को तलब किया है। इन अधिकारियों में डीसी, एसएसपी व एसडीएम भी शामिल हैं। इन सभी अफसरों को समन जारी कर दिए गए हैं।

वहीं आयोग ने कहा है कि जांच तेजी से चल रही है। बेअदबी की सभी घटनाओं से संबंधित तथ्यों को एकत्र किया जा रहा है। इस संबंधी पूछताछ का सिलसिला तीन जुलाई से शुरू होगा। गौरतलब है कि पिछली सरकार के कार्यकाल में धार्मिक ग्रंथों की बेअदबी की दर्जनों घटनाओं ने सूबे का माहौल खराब कर दिया था। अकाली-भाजपा सरकार ने भी जोरा सिंह मान आयोग का गठन किया था।

बता दें कि कांग्रेस सरकार ने राज्य में सभी प्रकार के बेअदबी के मामलों की जांच के लिए पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के सेवानिवृत्त जस्टिस रणजीत सिंह के नेतृत्व में आयोग का गठन किया है। बीते दिनों आयोग ने बरगाड़ी सहित बेअदबी से संबंधित कई स्थलों का दौरा करके जांच की थी। जानकारी के अनुसार, बेअदबी को लेकर पुलिस व प्रशासनिक अफसरों से होने वाली पूछताछ 12 जुलाई तक चलेगी। पूछताछ के लिए प्रशासनिक अफसरों में फरीदकोट के तत्कालीन डीसी व एसडीएम सहित छह अफसरों के नाम शामिल हैं। जिन अफसरों को समन जारी किए जा चुके हैं, उनमें तत्कालीन एसएसपी फरीदकोट, फिरोजपुर, फाजिल्का व मोगा के नाम शामिल हैं।

साथ ही 17 से 19 जुलाई तक होने वाली पूछताछ के दूसरे तरण में बड़े चेहरों को भी शामिल किया जाएगा। इनके नामों का खुलासा अभी नहीं हुआ है। सूत्रों का कहना है कि इनमें बड़े अफसरों के साथ-साथ जनप्रतिनिधि भी शामिल होंगे। दूसरे चरण की पूछताछ 17, 18 व 19 जुलाई को की जाएगी। जस्टिस रणजीत सिंह आयोग प्रमुख का कहना है कि आयोग को जो जिम्मेवारी सौंपी गई है, उसी पर काम हो रहा है। उन्होंने कहा कि जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट सरकार को सौंप दी जाएगी।