ब्रिटेन में हर साल वायु प्रदूषण से 50 हजार मौतें

लंदन। शोधकर्ताओं के ताजा खुलासे के अनुसार ब्रिटेन में हर साल वायु प्रदूषण के कारण 50,000 से ज्यादा लोग काल के गाल में समा जाते हैं। ब्रिस्टल की एक अनुसंधान टीम ने बुधवार को एक परिचर्चा के दौरान इसका खुलासा किया। समाचार एजेंसी सिन्हुआ के मुताबिक, अध्ययन में पता चला है कि ब्रिटेन में कानूनी तौर पर गुणवत्ता प्रबंधन वाले इलाकों में 95 फीसदी से अधिक वायु प्रदूषण कारों, बसों और माल ढोने वाले ट्रकों की वजह से है। ब्रिस्टल में स्थित यूनिवर्सिटी ऑफ वेस्ट ऑफ इंग्लैंड के टिम चैटर्टन और ग्राहम पार्कहर्स्ट ने कहा कि ब्रिटेन में परिवहन योजना बनाते समय परिवहन के साधनों का पर्यावरण पर पड़ने वाले प्रभाव का सफलतापूर्वक आंकलन नहीं कर पाया।

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इन दोनों शिक्षाविदों ने साल 1995 में बने संसदीय पर्यावरण अधिनियम की नीतियों और व्यावहारिक गतिविधियों का अध्ययन किया, जिसमें ब्रिटेन की वायु गुणवत्ता में सुधार अंतर्राष्ट्रीय मानकों के अनुरूप किए जाने का वादा किया गया था। अध्ययन में कहा गया है कि पर्यावरण में प्रदूषण की मात्रा को मापने के बाद पता चला कि बीते दो दशकों में पर्यावरण में सिर्फ मामूली सुधार आया है। शोधकर्ताओं ने अपने अध्ययन में ब्रिटेन में सड़क परिवहन के कारण होने वाले वायु प्रदूषण में बीते 21 वर्षो के दौरान क्यों बेहद मामूली सुधार हुआ है, इसकी समीक्षा करने की कोशिश की है।

पार्कहर्स्ट ने कहा, “वायु प्रदूषण ब्रिटेन की परिवहन योजना विफलता की सबसे बड़ी भूल को दिखाता है, जिससे परिवहन साधनों के पर्यावरण प्रभावों को महत्व देने की जरूरत है।”
शिक्षाविदों का कहना है कि अध्ययन इस रणनीति की तरफ इशारा करता है कि निजी कारों के लिए केंद्रीय और राष्ट्रीय परिवहन नीति लाई जाए। ब्रिटेन के शहर और कस्बों के गरीब घरों में अधिक वायु प्रदूषण है, हालांकि वे यातायात प्रदूषण में बहुत कम भागीदारी रखते हैं।