50 नए ब्लाकों में बढ़ा भू-जल स्तर : अजमेर

अजमेरः मुख्यमंत्री के द्वारा चलाया गया जल स्वावलम्बन योजना के कारण ही राज्य के 50 नए ब्लाको में भू-जल कि वृध्दि को दर्ज की गई। और मुख्यमंत्री के द्वारा इस योजना कि वजह से ही प्रदेश वासियों की टैंकरों पर निर्भरता कुछ कम हुई है। शिक्षा राज्यमंत्री वासुदेव देवनानी ने शुक्रवार को कहा कि मुख्यमंत्री जल स्वावलम्बन सप्ताह के अन्तर्गत यह योजना चलाई गई। और इस योजना में सहयोग प्रदान करने वाले भामाशाहों के सम्मान समारोह में जिला परिषद के पं.दीनदयाल उपाध्याय के सभागार में कही गई।

वासुदेव देवनानी ने कहां कि राजेस्थान जैसे कम वर्षा वाले क्षेत्र में जल का संरक्षण करना अति आवश्यक है। इसलिए मुख्यमंत्री खुद आगे आकर इस योजना को बढ़ाने का कार्य किया ताकि ज्यादा-से ज्यादा लोग इस योजना में अपना योगदान दे सके। तथा इस दिशा में आगे बढ़ते हुए सीएम सबको साथ लेकर जल संरक्षण के अभियान पर एक बड़ा कदम उठाया। सीएम नें कहा कि इस योजना को सफल करने के लिए प्रदेश के सभी लोगों का सहयोग आवश्यक है। राजस्थान राज्य के 295 ब्लाकों में से अधिकतर डार्क जोन के अन्तर्गत आते है। और अभियान के प्रथम चरण मे डार्क जोन के 50 नए ब्लाकों में भू जल की वृध्दी को दर्ज की गई। सीएम ने कहा कि जिसका पुरा सफलता का श्रेय वहां के सभी प्रदेश वासियों को जाता है।
शिक्षा मंत्री नें कहा कि जल स्वावलम्बन के अन्तर्गत किए जानें वाले सभी कार्यों की गति में वृध्दी करके 30 जून तक इसको पूर्ण कर लिया जायेगा। द्वितीय कार्यों के चरण को पूर्ण करके तृतीय चरण के लिए तैयारी शुरु कर देने चाहिए। सीएम नें सभी का आवाहन करते हुए कहा कि सभी को अपनी आय का एक भाग जल स्वावलम्बन के लिए अवश्य रखना चाहिए, ताकि आज का जल संरक्षण आगे आने वाली पीढ़ियों के लिए जल स्रोत का कार्य करेगा। इस योजना में कार्य कर रहे सभी भामाशाहों को जल स्वावलम्बन के लिए समाज की अपेक्षा से ज्यादा देने का प्रयास करना चाहिए। इसलिए भामाशाहों को कड़ी मेहनत करना पड़ेगा। ताकि इस योजना को जल्द से जल्द पुरा किया जा सके।

जिला प्रमुख सुश्री वंदना नोगिया ने कहा कि जल संरक्षण के लिए समाज के सभी वर्गों को अपना अमूल्य योगदान देना चाहिए। जिला कलक्टर किशोर कुमार ने कहा कि जल स्वावलम्बन अभियान के दौरान नकद, श्रम, सामाग्री, मशीनरी, उपकरण एंव सामाजिक सरोकार मद के द्वारा सहयोग प्रदान करने वाले समस्त भामाशाहों के सहयोग की वजह से ही इतना बड़ा अभियान सफल हो रहा है। तृतीय चरण भी सबके द्वारा किए गए मेहनत से ही सफल होगा इसलिए सबकी सहभागिता इसमें अनिवार्य होगी।