डीएम के आदेश पर पड़ा छापा, काम पर नहीं मिले तो रुक गई सैलरी

गोंडा। डीएम आशुतोष निरंजन के आदेश पर मुख्य विकास अधिकारी जयन्त कुमार दीक्षित ने जल निगम विभाग के यान्त्रिक खण्ड व निर्माण खण्ड का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण में मुख्य विकास अधिकारी को एक्सईएन यांत्रिक खण्ड व एक्सईएन निर्माण खण्ड सहित सहित दोनों दफ्तरों के 12 कर्मचारी अनुपस्थित मिले। डीएम ने तत्काल प्रभाव से अनुपस्थित सभी कर्मचारियों का वेतन रोकने के आदेश दिए हैं साथ एक सप्ताह के भीतर स्पष्टीकरण तलब किया है।

Gonda

बताते चलें कि जिलाधिकारी निरंजन ने जल निगम दफ्तर का सोमवार को चाौथी बार औचक निरीक्षण कराया जिसमें विभाग के अधिकारी कर्मचारी सहित नदारद मिले। यात्रिंक खण्ड के अधिशासी अभियन्ता आरके सिंह, सहायक अभियन्ता एके श्रीवास्तव, सहायक अभियन्ता साहब अहमद, सहायक अभियन्ता श्रर कर्णधार, आलेखक रजनीश कुमार, लिपिक बृजेश कुमार तथा निर्माण खण्ड के एक्सईएन राजेन्द्र सिंह, लिपिक शोभा पाठक व निसिर सिकन्दर, चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों में जसवन्त सिंह, गीता मिश्रा, रामकरन, विष्णुनन्द सहित कुल बारह कर्मचारी अनुपसिथत मिले।

निरीक्षण में खुलासा हुआ कि नगरीयपेयजल हेतु पच्चीस लाख रूपए व अनुसचित जाति सब प्लान हेतु पन्द्रह लाख रूपए अवमुक्त कर दिए गए हैं जबकि अभी कार्य शुरू ही नहीं किया गया है। इसके अलावा कार्यों के भुगतान में भी मानकों एवं नियमों की अनदेखी की गई। क्रय रजिस्टर का निरीक्षण करने पर ज्ञात हुआ कि तीन लाख उनहत्तर हजार छः सौ इकसठ रूपए की सामग्री की स्टॉक में एन्ट्री हीं नहीं की गई थी। इस पर हैरानी व्यक्त करते हुए सीडीओ ने दोनों अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि समय से कार्यालयों में बैठें और जनता की समस्याओं का निराकरण करें।

Akeel New (अकील सिद्दीकी, संवाददाता)