4477 तीर्थयात्रियों का जत्था कड़ी सुरक्षा के बीच जम्मू से हुआ रवाना

जम्मू। जम्मू से शनिवार को सुबह के समय सेना की कड़ी सुरक्षा के बीच अमरनाथ यात्रियों का दूसरा बाल्टाल और पहलगाम के लिए आगे की यात्रा के लिए रवाना हो गया। इस जत्थे में कुल 4477 तीर्थयात्री शामिल हैं। इसमें से 1583 तीर्थयात्री बाल्टाल के मार्ग के लिए रवाना हुए तो 20894 तीर्थयात्री पहलगाम के मार्ग से जाने के लिए वहां पर स्थित आधार शिविर के लिए रवाना हुए।शाम को यह तीर्थयात्री बाल्टाल और पहलगाम में स्थित नुनवान में आधार शिविरों में रहेगें और अगली सुबह आगे की यात्रा शुरू करेगें।

गौरतलब है कि तीर्थ यात्रियों के इस पहले जत्थे को भारत-चीन सीमा क्षेत्र नाथुला से टिबेटन अटोनामस रीजन (टार) में प्रवेश करना था लेकिन चीनी सरकार के अधिकारी तीर्थ यात्रियों को लेने नाथुला नहीं पहुंचे। इस कारण सभी तीर्थ यात्री गंगटोक लौट आए हैं।

भले ही तीर्थ यात्री कैलाश मानसरोवर नहीं पहुंच पाए, लेकिन सिक्किम सरकार के पर्यटन विभाग की ओर से तीर्थ यात्रियों को सिक्किम के विभिन्न पर्यटकीय स्थलों का भ्रमण कराया जा रहा है। दूसरी ओर कैलाश मानसरोवर की यात्रा पूरा नहीं कर पाने के कारण तीर्थ यात्री असंतुष्ट है। तीर्थ यात्रियों के पहले जत्थे में राज्य सभा के सांसद नारायण लाल भी शामिल थे।

नाथुला से गंगटोक लौटे सांसद लाल ने शनिवार को पत्रकारों को बताया कि तीर्थ यात्रियों का पहला जत्था 20 जून को नाथुला पहुंचा था लेकिन चीनी अधिकारी वहां नहीं पहुंचे। तीर्थ यात्रियों को सीमा क्षेत्र नाथुला पर दो दिनों तक रखा गया। सांसद लाल ने कहा कि उन्होंने इस घटना की जानकारी भारत सरकार को भी दी।