नोटबंदी पर प्रमोद तिवारी ने मोदी से पूछे सवाल

वाराणसी। देश में नोटबंदी को लेकर केंद्र सरकार को विपक्षी पार्टियां घेरने में लगी हुई है। आगामी उत्तर प्रदेश में होने वाले चुनाव और नोटबंदी के मुद्दे पर पीएम नरेंद्र मोदी को उनके ही संसदीय क्षेत्र वाराणसी में घेरने के लिए लगातार प्रयास में लगी हुई है। वाराणसी में राष्ट्रीय कांग्रेस के राज्यसभा संसद प्रमोद तिवारी ने पीएम नरेंद्र मोदी पर जमकर निशाना साधा है। नोटबंदी पर सवाल उठाते हुए उन्होंने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार एक ब्लैक मनी को व्हाइट करने का जरिया बन गई है। आतंकियों के पास से नए करेंसी का होना यह साबित करता है कि नोटबंदी की पॉलिसी आतंकवाद रोकने में भी असफल रही। नोटबंदी को लेकर मोदी कहा था कि 50 दिन में लोगों की समस्या को खत्म कर देंगे लेकिन हालातों में ज्यादा परिवर्तन नहीं हुआ है।

50 दिन पूरे होने के बाद मोदी खुद ही अपनी बातों से मुकर रहे हैं। प्रमोद तिवारी ने नोटबंदी पर सवाल पूछते हुए कहा केंद्र सरकार किस कानून के तहत अपने ग्राहक का पैसा अपने हिसाब से देगी किस कानून के तहत सरकार लोगों को अपना ही पैसा लेने से रोक रही है। डेमोक्रेसी में ऐसा नहीं होता। पीएम नरेंद्र मोदी ने महात्मा गांधी, जवाहर लाल नेहरू और अटल बिहारी वाजपेयी सबकी इज्जत डुबो दी है।

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पेटीएम पर खड़े किए सवाल

मोद तिवारी ने पीएम नरेंद्र मोदी को नोटबंदी पर घेरते हुए कहा कि पीएम बताए कि क्या नोटबंदी करने से रोज़गार में सुधार हुआ , बल्कि घट गया। किसी भी कानून लाने में कैबिनेट की सहमति होती एक-बदलाव किए जाते है लेकिन यहां 66 बार कानून में बदलाव किया गया। यह साबुत है कि बिना तैयारी के नोटबंदी का फैसला लिया गया । प्रमोद तिवारी ने पेटीएम के बहाने सरकार को आड़े हांथो लेते हुए कहा कि सरकार पेटीएम को बढ़ावा देने की बात कर रहे , क्या वह यह भूल गए है कि इसका यूज करने पर इसका कमीशन चाइना को जायेगा। यह उपभोक्त हित के खिलाफ है, इस पेटीएम पर सरकार की मेहबानी क्यों ? क्या किसी भाजपा नेता की करीबी है पेटीएम कैश लेस का मतलब बैंक और एटीएम है ना कि उसका प्रयोग पर कमीशन है।

सहारा के द्वारा पीएम नरेंद्र मोदी को पैसे दिए जाने के मामले में प्रमोद तिवारी ने नैतिकता के आधार पर पीएम पद से इस्तीफे की मांग की है | प्रमोद तिवारी ने देश की आजादी के बाद नोटबंदी को देश का सबसे बड़ा घोटाला बताया | वही उत्तर प्रदेश के विधान सभा चुनाव में प्रमोद तिवारी ने कांग्रेस का किसी भी पार्टी से गठबंधन करने से इनकार कर दिया |

प्रमोद तिवारी ने सहार के द्वारा नरेंद्र मोदी को पैसे दिए जाने पर कहा कि इतिहास गवाह है कि जब-जब लाल डायरी आई है तब राजनेताओं ने इस्तीफा दिया और जब नरेंद्र मोदी पर आरोप लगे है तो क्या वह लाल कृष्ण आडवाणी तरह ही पीएम पद से इस्तीफा देंगे ? क्या पीएम इस उच्च परंपरा का निर्वाह करेंगे। इस डायरी में दिग्विजय सिंह और शीला दीक्षित का नाम होने के प्रश्न पर कहा कि इस डायरी में ना ही दिग्विजय का नाम है औए ना ही शीला दीक्षित जी का उन्होंने अपना नाम होने से इंकार किया है । उत्तर प्रदेश के चुनाव में कांग्रेस का समाजवादी पार्टी से गठबंधन के प्रश्न पर कहा कि प्रदेश अध्यक्ष राजबब्बर ने कह दिया है कि हम किसी से गठबंधन नहीं करेंगे | हमारे यहाँ जो पार्टी लीडर कह दे वही हम सभी मानते है। कांग्रेस पार्टी 130 साल पुरानी पार्टी है और सोनिया जी , राहुल जी और उच्च नेताओ के अलावा दूसरे कोई गठबंधन की बात नही करेगा। सपा के आपसी झगड़े मुद्दे पर कहा कि हम दूसरे के घर में ताक-झांक नहीं कर सकते हैं।

सौरभ श्रीवास्तव, संवाददाता