सीएम त्रिवेद्रं सिंह रावत ने किए 243 डॉक्टरों के तबादले

उत्तराखंड। राज्य सरकार नें कई सालों से एक ही स्थान पर काम कर रहें  243 डॉक्टरों का तबादला किया है। लगभग सभी डॉक्टरों को पहाड़ी क्षेत्र में भेजा गया है। हालांकि काफी समय से डॉक्टरों का तबादला उत्तराखंड में नही हुआ था। उत्तराखंड सरकार ने यह फैसला लोंगो को मिल रही सुविधाओं को और बेहतर करनें  के लिए लिया है। मुख्यमंत्री त्रिवेंद्र सिंह रावत पर्वतिय क्षेत्रो में स्वास्थ सुविधाओं को लेकर पहले से ही विचार विमर्स कर रहे थे क्योंकि पर्वतिय क्षेत्र में रह रहे लोंगो को अगर कोई दिक्कत होती है, तो उनको अपनी बिमारी का इलाज करानें के लिए काफी दूर जाना पड़ता था।

सीएम के अनुसार उत्तराखंड को बने हुए 16 साल हो गए लेकिन यहां कि स्वास्थ सुविधाएं जस की तस हैं, और इस विषय पर पिछली सरकार नें भी कोई बड़ा कदम नही उठाया था। इसका मुख्य कारण यह भी है कि प्रदेश में डॉक्टरों की जरुरत के हिसाब से बहुत ही कम डॉक्टर हैं ।

वहां के आकड़ो के हिसाब से सरकार नें जितने डॉक्टरों के पदों की स्वीकृती दी है , उसके 50 प्रतिशत भी डॉक्टर वहां पर नही हैं। जिसके वजह से वहां पर रहे लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। और तो और डॉक्टर पर्वतिय क्षेत्रों में जाना भी पसन्द नहीं करते, अगर इमरजेंसी में पहाड़ों पर किसी कि तबियत खराब हो जाती है तो डॉक्टर देखने भी नहीं जाते है और मरीज को खुद अस्पताल लाना पड़ता है।

हालांकि मुख्यमंत्री के अनुमोदन के बाद सरकार नें 243 डॉक्टरों के तबदले करने का निर्णय लिया जिसमें सात साल या उससे ज्यादा समय से तबादला न हुए डॉक्टरों की हुई है जिसमे ज्यादातर डॉक्टरों का तबादला पहाड़ी क्षेत्रों में हुआ है।

मुख्य सचिव ओमप्रकाश ने बताया कि कुल डॉक्टरों मे से 93 को पहाड़ों में भेजा गया है। जिसमे सर्जन ,एनेस्थिस्ट,महिला रोग विशेषज्ञ व हड्डी रोग विशेषज्ञ व फिजीशियन तैनात किए गए हैं।