पर्यटन के क्षेत्र में उत्तराखंड में हुआ 100 मिलियन डॉलर का बड़ा निवेश

देहरादून। सूबे में पर्यटन विभाग अपने आधारभूत ढांचे को मजूबत करने के साथ सूबे की आर्थिक स्थिति को मजबूत करने के लिए काफी समय से कवायद कर रहा है। इसकी कड़ी में सूबे के पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और पर्यटन सचिव आर.मिनाक्षी सुन्दरम ने कई प्रोजेक्टों को तैयार कर निवेशकों को उत्तराखंड की ओर आकर्षित करने के लिए लगातार बड़ी सधी योजनाएं उतारी हैं। इसी के परिणाम स्वरूप मुंबई और अमेरिका के दो निवेशकों ने रोप वे निर्माण और हेरिटेज डेवलपमेंट के साथ लेक डेवलपमेंट और वेलनेस और योग डेवलपमेंट के साथ यहां के कनवोकेशन सेंटर के निर्माण के क्षेत्र में रूचि दिखाते हुए करीब 100 मिलियन डॉलर का निवेश करने की इच्छा जताई है।

पर्यटन मंत्री सतपाल महाराज और पर्यटन सचिव आर. मिनाक्षी सुन्दरम ने प्रदेश की नई पर्यटन नीति पर विस्तार से पत्रकारों के साथ चर्चा करते हुए इस बारे में जानकारी देते हुए कहा कि मुंबई और अमेरिका से बड़े पैमाने पर निवेश करने के लिए आए इन निवेशकों ने सूबे में दूसरे निवेशकों के आने का मार्ग बना दिया है। अगर कंपनी को यहां बेहतर सहयोग मिला तो कंपनी अपना निवेश करीब 1 बिलियन तक बढ़ा सकती है। इसके साथ ही सूबे में बोका कम्यूनिकेशंस इन ग्लोबल कैपिटल मार्केट प्राइवेट लिमिटेड इंडिया रोप वे, टिहरी में लेक डेवलपमेंट, रिजॉर्ट डेवलपमेंट, हेरिटेज डेवलपमेंट, योग एवं वेलनेस यूनिवर्सिटी और विंटर डेस्टिनेशन प्रोजेक्ट्स पर काम करना चाहती है। इसके साथ ही शशि कॉरपोरेशन सूबे में वेलनेस हॉस्पिटेलिटी विद योग और शिक्षा के क्षेत्र में निवेश करने के लिए आतुर है। स्पेन की फीरा बार्सिलोना और उनकी कंपनी उत्तराखंड में कनवोकेशन सेंटर की डीपीआर बनाने और चलाने की इच्छुक है।

पर्यटन सचिव मीनाक्षी सुन्दरम ने पत्रकारों को जानकारी देते हुए कहा कि इसके अलावा कई अन्य कंपनियां सूबे में बड़ा निवेश करना चाह रही हैं। हम सूबे में होने वाले विदेशी पर्यटन की बात करें तो इस वक्त उत्तराखंड विदेशी पर्यटकों की आमद के चलते 17 वें नम्बर पर है। लेकिन हमारी और सरकार की कोशिश है कि उसे हम जल्द ही टॉप 10 में लेकर आ जाएं । इसके लिए सरकार और हमारे कई प्रोजेक्ट काम भी कर रहे हैं। उत्तराखंड को पर्यटन के मानचित्र पर लाने के लिए हम विंटर टूरिज्म को बढ़ावा देने के साथ युवाओं की ज्यादा से ज्यादा भागीदारी सुनिश्चित करने में लगे हुए हैं। इसके लिए प्रचार माध्यमों के साथ सोशल मीडिया का भी सहारा लिया जा रहा है।