मनरेगा की 65 फीसदी राशि जल संरक्षण पर होगी खर्च

जयपुर। राजस्थान में जल संरक्षण के कार्य को और मजबूती से करने के लिए मनरेगा योजना की 65 प्रतिशत राशि खर्च की जाएगी। इस संबंध में दुर्गापुरा में स्थित कृषि प्रबंधन संस्थान में गुुरुवार को “मिशन वाटर कंजर्वेशन प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन मनरेगा द्वारा” विषय पर राज्य स्तरीय कार्यशाला आयोजन किया गया। ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग के प्रमुख शासन सचिव सुदर्शन सेठी ने कहा कि राज्य में जल संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए उपलब्ध प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन को मजबूत करने के लिए महात्मा गांधी नरेगा योजना के कराए जा रहे कार्यों में विभिन्न विभागों के आपसी तालमेल से काम करने पर मंथन किया गया जिससे राज्य की पानी की समस्या से निजात दिलाने के साथ लोगों का आर्थिक उत्थान हो सके। उन्होंने महात्मा गांधी नरेगा के तहत वर्ष 2017-18 में कराए जाने वाले कार्यों में 65 प्रतिशत राशि जल संरक्षण एवं प्राकृतिक संसाधन प्रबंधन के कार्यों पर व्यय की जाएगी।

उन्होंने जिलों में 2017-18 के लिए मनरेगा योजना की बनने वाली वार्षिक प्रोजेक्ट रिपोर्ट में जल संरक्षण के कार्यों को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। उन्होंने प्रोजेक्ट रिपोर्ट बनाने के दौरान ग्राम पंचायत स्तर के लोगों की अधिक भागीदारी एवं सुझाव को ध्यान में रखने के निर्देश दिए। प्रमुख शासन सचिव ने कहा कि सिंचाई, कृषि, वाटर शैड, पेयजल स्त्रोत, एनीकट, मत्स्य पालन, समूह कूप, चारागाह, ड्रीप सिस्टम, कंपोस्ट खाद, हार्टिकल्चर, नाड़ी आदि कार्यों को प्रोजेक्ट रिपोर्ट में प्राथमिकता प्रदान की जाएगी।

उन्होंने फील्ड अधिकारियों एवं तकनीकी अधिकारियों को कहा कि कार्यों की गुणवत्ता पर किसी तरह का समझौता नहीं किया जाए। फील्ड में जो भी स्ट्रक्चर बने सभी सम्बन्धित विभागों के तकनीकी सहयोग व सुझाव के अनुसार बने जिससे ज्यादा लोगों को लाभ मिल सके। भारत सरकार ने महात्मा गांधी नरेगा योजना में राजस्थान में साढ़े चार हजार करोड़ रुपये से ज्यादा व्यय कर 24 हजार करोड़ मानव दिवस सृजित करने का लक्ष्य दिया गया है जिसे सभी को मिलकर पूरा करना होगा।