बिहार का शैलेश फसा कतर में खाने को भी तरसा

छह मुल्कों ने कतर के साथ राजनयिक संबंध तोड़ दिए हैं। जिसके बाद कतर की आर्थिक व्यवस्था में गिरावट आ गयी है। सयुंक्त अरब अमीरात और सऊदी अरब ने करत से संबंध तोड़ दिए है। कतर में कई अन्य देशों के लोग भी फसे हुए है जिसमें से एक भारत के बिहार का रहने वाला युवक है। जिसका नाम शैलेश प्रसाद है। शैलेश बिहार के नवादा क्षेत्र के मननपुर गांव का है उसेक पिता का नाम कामेश्वर प्रसाद है। शैलेश के घर वालें बहुत बड़ी उलझन में पड़ गए है,वह लोग कुछ भी करने में असमर्थ है।

शैलेश के भाई सतीष ने कहा की शैलेश 7 जनवरी को मुंबई की फ्लाइट से कतर गया था, नवादा के रहने वाले मोहम्मद शाकिल नाम के एजेंट के जरिए ही शैलेश कतर पहुंचा था। शैलेश के घर वाले पुरी तरह से डरे हुए है और वह बस इतना चाहते है की उनका बच्चा सही सलामत घर वापस आ जाए।

शैलेश की घरवाली का कहना है की शैलेश के जाने के दो तीन महिनों तक सब कुछ अच्छा चल रहा लेकिन कुछ दिनों के बाद ही शैलेश को पैसे मिलना बंद हो गए और 8 घंटे काम कराने के बजाय कंपनी के लोग उससे 12घंटे काम करवाने लगे। कतर की कंपनी में काम करने के लिए उसे पहले 35000 रुपए देने का वादा किया गया और फिर बाद में 18000 -20000 हजार ही दिए जाते है जो की अब कुछ समय से मिल भी नही रहे है।
इन्ही सभी कारणों की वजह से शैलेश अब स्वदेश आना चाहता है लेकिन कंपनी ने उसका वीजा और पासपोर्ट जब्त कर लिया है। जिसके कारण वह कतर में रहने पर मजबूर हो गया है।

परिवार वालों ने इस पूरे मामले की सूचना प्रशासन को अभी तक नहीं दी है।