पुलिस नही कर रही पीड़ित पिता की मदद

उत्तर प्रदेश। यूपी पुलिस इस कदर संवेदन शून्य हो चुकी है इस बात का अन्दाजा जनपद बलरामपुर में हुई इस घटना से लगाया जा सकता है। दरअसल मामला बलरामपुर जिले के कोतवाली नगर क्षेत्र का है जहां एक पिता अपने नाबालिग लड़की के शव के लिए भटक रहा है और शव की शिनाख्त होने के बावजूद पुलिस ने मासूम की लाश पिता को ना देकर लावारिश बताकर डिस्क्लोज करा दिया है। 6 दिनों से लगातार पीड़ित पिता लड़की की लाश के लिए कोतवाली के चक्कर लगा रहा है लेकिन पुलिस के कानों पर जूं नही रेंग रही है। अब पीड़ित पिता ने एसपी से न्याय की गुहार लगाई है ।

पूरा मामला बलरामपुर कोतवाली नगर के ग्राम बफावां का है जहां 10 जून को गायब हुई नाबालिग लड़की के शव के लिए पीड़ित पिता पुलिस से मिन्नतें कर रहा है लेकिन पुलिस पर कोई फर्क नहीं पड़ रहा है। पीड़ित पिता भगोले राम का कहना है की उसकी 14 वर्षीय नाबालिग पुत्री गुड़िया 10 जून की रात गांव मे ही राज भारती के घर हो रहे श्रीमद् भागवत कथा सुनने गयी थी परन्तु वापस घर नहीं पहुंची । दो दिन तलाश करने के बाद कोतवाली नगर मे सूचना दी गयी जिसपर पुलिस ने गुमशुदगी का मुकदमा पंजीकृत कर लिया ।

12 जून को पास के गाँव सिरिया के पास राप्ती नदी मे एक लड़की की लाश पुलिस ने बरामद कर पीएम के लिए भेजा । यह जानते हुए की इसी क्षेत्र की एक लड़की गायब है और उसका मुकदमा भी दर्ज है पुलिस ने परिजनों को सिनाख्त के लिए नही बुलाया। परिजनों को लाश मिलने की जानकारी हुई तो पिता भगोले राम कोतवाली नगर पहुंचा जहां से उसे पहचान के लिए पोस्ट मार्टम हाउस भेज दिया गया । पीएम हाउस पर भगोले ने शव की पहचान अपनी पुत्री गुड़िया के रूप मे की फिर भी पुलिस ने शव पिता को न देकर लावारिश के रूप मे दफनवा दिया । भगोले राम का आरोप है की उनके गांव के ही कुछ लोगों से दुश्मनी है और उन्हीं लोगों ने उनकी पुत्री गुड़िया की हत्या कर नदी मे फेंका है जिसमें गांव के ही चार लोगों को नामजद किया गया है । पुलिस आरोपियों से पैसे लेकर उन्हें लाश नहीं दे रही है ताकि हत्या साबित न होने पाए । 17 जून को भगोले राम ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है । फिलहाल एसपी अभिषेक सिंह ने पूरे मामले की जांच के आदेश दे दिए हैं ।