चेन्नई टेस्ट में डॉसन, राशिद ने इंग्लैंड का स्कोर 400 के पार पहुंचाया

चेन्नई। अपने बल्लेबाजों के शानदार प्रदर्शन के दम पर इंग्लैंड ने भारत के खिलाफ एमए चिदंबरम स्टेडियम में खेले जा रहे पांचवें टेस्ट मैच के दूसरे दिन शनिवार को चायकाल तक अपनी पहली पारी में आठ विकेट खोकर 452 रनों का मजबूत स्कोर खड़ा कर लिया है। दूसरे सत्र का खेल खत्म होने तक पदार्पण मैच खेल रहे लियाम डॉसन (नाबाद 55) और स्टुअर्ट ब्रॉड (नाबाद 17) क्रिज पर जमे हुए हैं। दोनों के बीच नौवें विकेट के लिए 23 रनों की साझेदारी हो चुकी है। डॉसन ने अभी तक अपनी पारी में 131 गेंदों का सामना किया और पांच चौके लगाए हैं। मेहमानों ने इस सत्र में सिर्फ एक विकेट गंवाया और 100 रन अपने स्कोरबोर्ड में जोड़े।

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इंग्लैंड ने दूसरे दिन के पहले सत्र में अपने तीन विकेट गंवा दिए थे और लग रहा था कि दूसरे सत्र से पहले ही वह ऑल आउट हो जाएगी, लेकिन डॉसन और आदिल राशिद ने ऐसा नहीं होने दिया। दोनों ने आठवें विकेट के लिए इस मैदान पर दूसरी सबसे बड़ी साझेदारी कर टीम को 400 पार पहुंचाया। दोनों ने 108 रनों की शतकीय साझेदारी की। इस मैदान पर आठवें विकेट के लिए सबसे बड़ी साझेदारी का रिकार्ड पाकिस्तान के इमरान खान और वसीम अकरम के नाम है। इस जोड़ी ने फरवरी 1987 में यह कारनामा किया था।

डॉसन का यह पदार्पण मैच है। उन्होंने इस मैच में 37 साल के रिकार्ड को ध्वस्त किया। उनसे पहले इंग्लैंड के लिए पदार्पण मैच में आठवें क्रम पर बल्लेबाजी करते हुए डेविड बेयर्सटो ने अर्धशतक लगाया था। इस साझेदारी को उमेश यादव ने तोड़ा। उन्होंने राशिद को पार्थिव पटेल के हाथों कैच कराया। 155 गेंदों में आठ चौकों की मदद से बेहतरीन पारी खेलने वाले राशिद 429 के कुल स्कोर पर आउट हुए। पहले दिन शुक्रवार के अपने स्कोर 284 रनों पर चार विकेट से आगे शनिवार को खेलने उतरी इंग्लैंड ने दिन के पहले ही ओवर में बेन स्टोक्स (6) का अहम विकेट गंवा दिया। इंग्लैंड के खाते में तीन रन ही जुड़े थे कि रविचन्द्रन अश्विन ने उन्हें विकेट के पीछे पार्थिव के हाथों कैच करा पवेलियन की राह दिखाई। जोस बटलर (5) भी ज्यादा कुछ नहीं कर पाए और 300 के कुल योग पर ईशांत शर्मा की गेंद पर पगबाधा करार दे दिए गए।

शतक लगाने वाले मोइन अली (146) दूसरे छोर से रन बना रहे थे और टीम का स्कोरबोर्ड उन्हीं के भरोसे आगे बढ़ रहा था। लेकिन उमेश की गेंद को सीमा पार भेजने के चक्कर में वह सीमारेखा पर रवींद्र जडेजा के हाथों लपके गए। अली जब आउट हुए तब टीम का स्कोर 321 था। अली ने अपनी पारी में 262 गेंदें खेलते हुए 13 चौके एवं एक छक्का लगाया। इंग्लैंड को इस स्कोर तक पहुंचाने में उन्होंने अहम भूमिका निभाई।

मैच के पहले दिन इंग्लैंड ने टॉस जीत कर पहले बल्लेबाजी करने का फैसला लिया था, लेकिन केटान जेनिंग्स (1) और कप्तान एलिस्टर कुक (10) के विकेट जल्दी गिर जाने के बाद टीम संकट में थी।अली ने यहां से जोए रूट (88) के साथ तीसरे विकेट के लिए 186 और फिर जॉनी बेयर्सटो (49) के साथ चौथे विकेट के लिए 86 रनों की साझेदारी कर टीम को शुरुआती झटकों से उबारते हुए मजबूती प्रदान की थी।